Friday, June 2, 2017

रंग लाल



विचारधाराओं से परे
रंगने दो मुझको तुम लाल,
तुम अफ़साना बनो
मैं बहार बनूँ,
तुम राजा बनो - मैं बंजारा, 
तुम्हारी क्रांतियों में हो प्रेम मेरा,
मेरी क्रांति सिर्फ प्रेम,
अनंत तक रहे धाराओं में
तेरा मेरा रंग लाल !

1 comment:

Rohini Gilada Mundhada said...

Very nice blog.

http://lokgitbhajanevamkahaniya.blogspot.com/2018/05/story-of-tawang-monestry.html